Thursday, September 9, 2010

कोई शाम आती है तुम्हारी याद लेकर

कोई शाम आती है तुम्हारी याद लेकर,

कोई शाम जाती है तुम्हारी याद देकर,

हमे तो इंतजार है उस शाम का,

जो आए तुम्हे साथ लेकर.........हसते हो आप लेकिन,

हर हसी का मतलब इकरार नही होता,

रोते हो आप लेकिन,हर रोने का मतलब इनकार नही होता,

मिलती है हजारों नजरोंसे नजर लेकिन,

हर नजर का मतलब प्यार नही होता......

मत करो कोई वादा जिसे नीभा ना सको,

मत चाहो उसे जिसे तुम पा ना सको,

प्यार कहां किसीका पुरा होता है?

प्यार का तो पहिला अक्षर ही अधुरा होता है....

मुस्कुराकर जीना जींदगी है,

मुस्कुराकर गम भुलाना जींदगी है,

जीतकर हसे तो क्या हसे,

सब कुछ हारकर मुस्कुराना ही जींदगी है......

गुलने गुलशान से गुलफ़ाम भेजा है,

सितारों ने आसमान से सलाम भेजा है,

मुबारक हो आपको ये जिंदगी,हम ने आपको ये पैगाम भेजा है........

6 Comments:

At September 10, 2010 at 7:31 AM , Blogger Patali-The-Village said...

कविता सुन्दर है,पर कविता से सुंदर बच्ची की फोटो है|

 
At September 11, 2010 at 1:12 AM , Blogger Amit Chandra said...

bahut sunder kavita hai zari rakhiye.

 
At September 11, 2010 at 2:11 AM , Blogger वीना श्रीवास्तव said...

भाव अच्छे हैं, वर्तनी की कुछ गलतियां हैं...लिखने के बाद दोबारा जरूर जांच लें....

नीभाना-निभाना
पुरा-पूरा
अधुरा-अधूरा
नजरोंसे- नजरों से
किसीका- किसी का
पहिला-पहला
अगर खराब लगा हो तो क्षमा चाहूंगी...

veenakesur.blogspot.com/

 
At September 11, 2010 at 4:21 AM , Blogger अजय कुमार said...

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

 
At September 20, 2010 at 8:48 AM , Blogger संगीता पुरी said...

हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

 
At June 3, 2014 at 7:50 PM , Blogger Spiral India said...

theek hai... aaab se dhyan rakhunga....

 

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